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एआई पर निगरानी का नया ढांचा, ट्रंप के साथ टेक कंपनियों ने मानी 4 स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था

by admin@bebak24.com on | 2026-09-30 13:30:19

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एआई पर निगरानी का नया ढांचा, ट्रंप के साथ टेक कंपनियों ने मानी 4 स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था

वॉशिंगटन | बेबाक24 न्यूज़

अमेरिका में अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के अधिकारियों के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत अत्याधुनिक एआई मॉडल की निगरानी के लिए 4 स्तरों वाला नियंत्रण और जांच ढांचा लागू करने पर सहमति बनी है। कंपनियों ने भविष्य में इन उपायों को संघीय कानून का रूप दिए जाने की संभावना भी स्वीकार की है।

ट्रंप ने समझौते के बाद कहा कि उन्हें कंपनियों की खुद पर निगरानी रखने की प्रक्रिया दिखाई दे रही है और कंपनियां समझती हैं कि उन्हें अपनी तकनीक पर नजर रखनी होगी।

क्यों बुलाई गई थी बैठक?

व्हाइट हाउस में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद ‘फ्रंटियर जिम्मेदारियों पर संयुक्त प्रतिबद्धता’ नाम का दस्तावेज जारी किया गया। बैठक में अत्याधुनिक एआई के विकास और उससे जुड़े संभावित जोखिमों पर चर्चा हुई।

दस्तावेज में कहा गया है कि अत्याधुनिक एआई मॉडल विकसित और लागू करने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी तकनीक को सुरक्षित तरीके से विकसित करें और ग्राहकों तथा आम लोगों का भरोसा बनाए रखें।

समझौते में कौन-कौन शामिल?

समझौते पर ट्रंप के साथ प्रमुख तकनीकी कंपनियों के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए। इनमें गूगल के सुंदर पिचाई, एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमैन, एक्सएआई के एलन मस्क और एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग शामिल हैं।

सुरक्षा निगरानी के 4 स्तर

पहला स्तर: आंतरिक नियंत्रण

कंपनियों को एआई मॉडल के प्रशिक्षण और उपयोग के दौरान उसकी क्षमताओं तथा तालमेल पर नजर रखने के लिए मजबूत आंतरिक नियंत्रण लागू करने होंगे। इसमें साइबर सुरक्षा, जैव सुरक्षा और रासायनिक खतरों जैसे क्षेत्रों पर निगरानी शामिल होगी। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि एआई मॉडल अनजाने तरीकों से तकनीकी प्रणालियों में सेंध न लगा सकें।

दूसरा स्तर: आंतरिक जांच दल

कंपनियों को एक आंतरिक टीम को अधिकार देना होगा, जो नियंत्रण, निगरानी और खतरे की पहचान करने वाली प्रणालियों के कामकाज की जांच करेगी। समस्या मिलने पर उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी इसी व्यवस्था की होगी।

तीसरा स्तर: स्वतंत्र बाहरी जांच

इसके तहत कंपनियों को स्वतंत्र बाहरी जांचकर्ता या मूल्यांकनकर्ता की मदद से यह जांच करानी होगी कि उनके नियंत्रण, निगरानी और खतरे की पहचान करने वाली प्रणालियां सही तरीके से काम कर रही हैं या नहीं।

चौथा स्तर: निदेशक मंडल की निगरानी

कंपनियों के निदेशक मंडल में एक स्वतंत्र समिति बनाने की बात कही गई है। यह समिति आंतरिक नियंत्रण टीमों और बाहरी जांचकर्ताओं के काम की निगरानी करेगी। समिति उनसे रिपोर्ट लेगी और सामने आई समस्याओं को दूर किए जाने की प्रक्रिया पर नजर रखेगी।

सुरक्षा मानक समय के साथ बदलेंगे

समझौते में शामिल कंपनियां नियमित रूप से बैठक करेंगी। इसका उद्देश्य एआई मॉडल की क्षमताओं में बदलाव के साथ नए सुरक्षा मानक और बेहतर कार्यप्रणालियां तय करना है।

यह समझौता फिलहाल स्वैच्छिक आत्म-नियमन की प्रतिबद्धता है। हालांकि, हस्ताक्षर करने वाली कंपनियों ने माना है कि इन उपायों को भविष्य में अनिवार्य संघीय कानूनों का हिस्सा बनाया जा सकता है।

बेबाक24 टेक

एआई सुरक्षा के लिए प्रस्तावित व्यवस्था में कंपनी के भीतर नियंत्रण से लेकर स्वतंत्र बाहरी जांच और निदेशक मंडल की निगरानी तक 4 स्तर रखे गए हैं। समझौते का जोर एआई मॉडल की बढ़ती क्षमताओं के साथ सुरक्षा जांच को भी लगातार मजबूत करने पर है।



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