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1 अक्तूबर से बदलेंगे ये नियम, एलपीजी सब्सिडी से लेकर एफडी और जन्म-मृत्यु पंजीकरण तक असर

by admin@bebak24.com on | 2026-09-30 13:30:13

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1 अक्तूबर से बदलेंगे ये नियम, एलपीजी सब्सिडी से लेकर एफडी और जन्म-मृत्यु पंजीकरण तक असर

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

1 अक्तूबर 2026 से आम लोगों से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इनका असर एलपीजी सब्सिडी, बल्क एफडी और जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसे जरूरी कामों पर पड़ेगा। कुछ बदलाव सीधे ग्राहकों और दस्तावेजी प्रक्रियाओं से जुड़े हैं, इसलिए इनके बारे में जानकारी रखना जरूरी है।

एलपीजी सब्सिडी के लिए आधार प्रमाणीकरण जरूरी

1 अक्तूबर से सब्सिडी वाले एलपीजी सिलिंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण जरूरी होगा। जिन ग्राहकों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें इसे पूरा करना होगा।

हालांकि, आधार प्रमाणीकरण नहीं कराने पर सिलिंडर की आपूर्ति बंद नहीं होगी। ऐसे ग्राहकों को सिलिंडर मौजूदा बाजार भाव पर खरीदना पड़ सकता है और सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।

दिए गए स्रोत के अनुसार, 19 सितंबर 2026 तक करीब 89.9% सक्रिय एलपीजी ग्राहक बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके थे।

बल्क एफडी की सीमा बदलेगी

भारतीय रिजर्व बैंक के नए नियमों के तहत 1 अक्तूबर से 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की एफडी को बल्क डिपॉजिट माना जाएगा। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी।

बैंक बल्क एफडी के लिए अपनी जरूरत के अनुसार अलग ब्याज दर तय कर सकेंगे। साथ ही, बैंकों को प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे तक नई ब्याज दरें अपनी वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी। इसके लिए 10 मिनट की अतिरिक्त अवधि दी गई है, यानी सुबह 10:10 बजे तक दरें वेबसाइट पर दिखाई देनी जरूरी होंगी।

एक ही तारीख की समान राशि और समान अवधि वाली एफडी पर बैंक की सभी शाखाओं में एक जैसी ब्याज दर रखने का प्रावधान भी लागू होगा।

जन्म-मृत्यु पंजीकरण होगा सख्त

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन अधिनियम, 2026 के प्रावधान भी 1 अक्तूबर से लागू होंगे। नए नियमों के तहत देर से पंजीकरण की प्रक्रिया पहले की तुलना में सख्त होगी।

1 से 2 साल के भीतर पंजीकरण कराने के लिए जिलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी होगी। अधिकारी जानकारी की सत्यता की जांच और निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद पंजीकरण की अनुमति देंगे।

वहीं, 2 साल से अधिक देरी से जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा।

बेबाक24 टेक

1 अक्तूबर से होने वाले इन बदलावों में एलपीजी सब्सिडी, बल्क एफडी और जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़े नियम शामिल हैं। खासतौर पर एलपीजी सब्सिडी पाने वाले ग्राहकों और देर से जन्म-मृत्यु पंजीकरण कराने वालों के लिए नए प्रावधानों को समझना जरूरी होगा।



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