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उमर अब्दुल्ला का केंद्र पर हमला, बोले- फैसला इस्लामाबाद के हाथ में देने जैसा

by admin@bebak24.com on | 2026-09-29 14:05:05

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उमर अब्दुल्ला का केंद्र पर हमला, बोले- फैसला इस्लामाबाद के हाथ में देने जैसा

श्रीनगर | बेबाक24 न्यूज़

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित होने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता किसी तरह की रियायत या एहसान नहीं मांग रही, बल्कि अपना अधिकार मांग रही है।

विधानसभा में सोमवार को हंगामे और भाजपा विधायकों के विरोध के बीच प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हुआ। भाजपा को छोड़कर अन्य दलों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। भाजपा विधायक सदन के वेल में पहुंचे और बाद में सदन से बाहर चले गए।

राज्य के दर्जे पर उठाए सवाल

उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने दिसंबर 2023 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने जम्मू-कश्मीर में सितंबर 2024 तक विधानसभा चुनाव कराने और जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने का निर्देश दिया था।

उन्होंने सवाल किया कि ‘यथाशीघ्र’ का अर्थ दो साल कैसे हो सकता है। उमर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने के केंद्र के वादे को उनकी सरकार पूरा होने का इंतजार कर रही है।

आतंकवाद से जोड़ने पर सवाल

मुख्यमंत्री ने राज्य का दर्जा बहाल करने को जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति से जोड़ने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर राज्य का दर्जा बहाल करने की शर्त आतंकवाद खत्म होना है, तो इसका फैसला भारत के बजाय पाकिस्तान के हाथ में जाने जैसा होगा।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार बताती है। ऐसे में यदि राज्य का दर्जा बंदूकें शांत होने के बाद बहाल करने की बात कही जाती है, तो यह तय करने की स्थिति पाकिस्तान के हाथ में चली जाएगी कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा कब मिलेगा।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के भविष्य से जुड़ा फैसला नई दिल्ली में होना चाहिए, किसी दूसरे देश में नहीं।

‘भीख नहीं, अधिकार मांग रहे’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र से कोई उपहार या एहसान नहीं मांग रहा है। उनके मुताबिक, केंद्र ने जनता से राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था और अब उस वादे को पूरा किया जाना चाहिए।

बेबाक24 टेक:
विधानसभा में पारित प्रस्ताव के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे का मुद्दा एक बार फिर केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन गया है। उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा स्थिति को राज्य के दर्जे से जोड़ने के केंद्र के रुख पर सवाल उठाया है, जबकि विधानसभा में भाजपा ने प्रस्ताव का विरोध किया।



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