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रेवंत के राम-शिव बयान पर सियासी घमासान, भाजपा ने लगाया हिंदुओं को बांटने का आरोप

by admin@bebak24.com on | 2026-09-29 13:59:57

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रेवंत के राम-शिव बयान पर सियासी घमासान, भाजपा ने लगाया हिंदुओं को बांटने का आरोप

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के भगवान राम और भगवान शिव को लेकर दिए बयान पर सियासी विवाद तेज हो गया है। रेवंत रेड्डी ने उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक एवं राजनीतिक पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने भगवान राम को अपने राजनीतिक विमर्श से जोड़ लिया है, जबकि दक्षिण भारत में भगवान शिव की भक्ति की परंपरा अधिक दिखाई देती है।

रेवंत रेड्डी ने क्या कहा?

एक मीडिया कार्यक्रम में रेवंत रेड्डी ने भाजपा के 'जय श्री राम' नारे को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेता मंचों से 'हर हर महादेव' का नारा क्यों नहीं लगाते।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि दक्षिण भारत के लोग द्रविड़ हैं और उत्तर भारत के लोगों को आर्य बताया। उन्होंने खुद को भगवान शिव का भक्त बताते हुए कहा कि भाजपा ने भगवान राम को अपने साथ जोड़ लिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भगवान शिव गरीबों के भगवान हैं, जबकि भगवान राम अमीरों के भगवान हैं और भाजपा अमीरों की पार्टी है।

भाजपा का पलटवार

रेवंत रेड्डी के बयान पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी हिंदुओं को राम और शिव के नाम पर बांटने की कोशिश है। उन्होंने इसे कांग्रेस की कथित वोट बैंक राजनीति से जोड़ते हुए रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा।

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने भी रेवंत रेड्डी के बयान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले जिस तरह राजनीतिक पहचान को धर्म से जोड़ती रही है, उसी तरह अब राम और शिव के बीच राजनीतिक विभाजन की रेखा खींची जा रही है।

भाजपा की ओर से यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'जय श्री राम' के साथ 'हर हर महादेव' का भी उद्घोष करते हैं। भाजपा नेताओं ने रेवंत रेड्डी के इस दावे को खारिज किया कि भाजपा नेता भगवान शिव का नारा नहीं लगाते।

एसआईआर पर भी विपक्ष को एकजुट होने की अपील

रेवंत रेड्डी ने निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी एसआईआर के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट होने की अपील भी की। उन्होंने ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे और एमके स्टालिन समेत विपक्षी नेताओं से 'एसआईआर वापस जाओ' अभियान चलाने का आह्वान किया।

यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक होने वाली है। एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से विरोध जारी है। कांग्रेस सोमवार को देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन भी कर चुकी है।

आगे बढ़ सकता है विवाद

रेवंत रेड्डी की टिप्पणी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच धार्मिक प्रतीकों और राजनीतिक पहचान को लेकर बहस और तेज होने के संकेत हैं। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने राजनीतिक तर्कों के साथ सामने हैं और इस बयान को लेकर विवाद का केंद्र रेवंत रेड्डी की राम-शिव संबंधी टिप्पणी बनी हुई है।

बेबाक24 टेक: रेवंत रेड्डी के बयान ने धर्म और राजनीति के पुराने विवाद को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। एक ओर कांग्रेस नेता की धार्मिक पहचान को लेकर टिप्पणी है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे राजनीतिक विभाजन का प्रयास बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर सकता है।



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