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भारत को मिले 53वें मुख्य न्यायाधीश: जस्टिस सूर्यकांत ने ली शपथ, एक नए अध्याय की शुरुआत

by admin@bebak24.com on | 2025-11-24 22:02:38

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भारत को मिले 53वें मुख्य न्यायाधीश: जस्टिस सूर्यकांत ने ली शपथ, एक नए अध्याय की शुरुआत

जस्टिस सूर्यकांत ने ली भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ: एक नए अध्याय की शुरुआत

नई दिल्ली: 24 नवंबर, 2025 को भारत के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

जस्टिस सूर्यकांत ने हिंदी भाषा में शपथ लेकर एक सराहनीय परंपरा का पालन किया। उन्होंने निवर्तमान CJI न्यायमूर्ति बी. आर. गवई का स्थान लिया है। उनका कार्यकाल लगभग 15 महीने का होगा, जो 9 फरवरी 2027 को उनकी सेवानिवृत्ति के साथ समाप्त होगा।

समारोह में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस ऐतिहासिक अवसर पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और विभिन्न देशों के मुख्य न्यायाधीशों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह उच्च-स्तरीय उपस्थिति न्यायिक और कार्यकारी शाखाओं के बीच संवैधानिक महत्व और तालमेल को दर्शाती है।

युगांतकारी फैसलों में योगदान

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में, जस्टिस सूर्यकांत कई युगांतकारी फैसलों का हिस्सा रहे हैं, जिन्होंने देश की कानूनी और सामाजिक रूपरेखा को प्रभावित किया है। इनमें निम्नलिखित जैसे महत्वपूर्ण मामले शामिल हैं:

- अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के संवैधानिक निहितार्थों पर निर्णय।

- पेगासस जासूसी मामले की जांच।

- औपनिवेशिक युग के राजद्रोह कानून (धारा 124ए) को स्थगित करने का फैसला।

 आगे की प्राथमिकताएं और अपेक्षाएं

न्यायपालिका के शीर्ष पर उनकी नियुक्ति के साथ, यह अपेक्षा की जा रही है कि वे दो प्रमुख चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे:

- लंबित मामलों के बोझ को कम करना।

 - न्यायिक प्रशासन में सुधार लाना।

जस्टिस सूर्यकांत के नेतृत्व में, देश की न्यायपालिका से अधिक दक्षता, पारदर्शिता और समयबद्ध न्याय की उम्मीद की जा रही है।



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