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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर पीएम मोदी ने किया 1947 के पीड़ितों को याद, बोले- ‘हम उनके साहस को नमन करते हैं’

by on | 2026-08-14 15:05:07

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर पीएम मोदी ने किया 1947 के पीड़ितों को याद, बोले- ‘हम उनके साहस को नमन करते हैं’

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर 1947 के भारत विभाजन के दौरान जान गंवाने, विस्थापन और पीड़ा झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विभाजन ने कई परिवारों को उजाड़ दिया, लोगों को अपनों से अलग किया और भारी मानवीय त्रासदी पैदा की, लेकिन प्रभावित लोगों ने कठिन परिस्थितियों से उबरकर अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विभाजन की त्रासदी को याद करना केवल अतीत को याद करना नहीं है, बल्कि देश में सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेने का अवसर भी है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखे संदेश में कहा कि विभाजन ने कई जिंदगियां बर्बाद कर दीं। परिवार उजड़ गए, लोग अपने प्रियजनों से बिछड़ गए और उन्हें भारी पीड़ा झेलनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद लोगों ने शून्य से अपना जीवन दोबारा बनाया और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लोगों की जीवन यात्रा मानव साहस और जिजीविषा की ताकत की याद दिलाती है।

उन्होंने देश में सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने तथा विकसित भारत के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लेने की अपील की।

अमित शाह ने भी दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विभाजन के पीड़ितों को याद किया। उन्होंने 14 अगस्त 1947 को इतिहास के सबसे भयावह अध्यायों में से एक बताया।

अमित शाह ने कहा कि विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और करोड़ों लोगों को अपने घर, संपत्ति और प्रियजनों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा।

उन्होंने विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे देश पर पड़ा ऐसा घाव बताया जिसे इतिहास कभी नहीं भुला सकता।

अमित शाह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के जरिए नई पीढ़ी को उस त्रासदी की याद दिलाई जा रही है, ताकि देश को फिर से बांटने वाली ताकतें सफल न हों और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का लक्ष्य मजबूत हो।

योगी आदित्यनाथ ने भी किया याद

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 1947 के विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि इससे असंख्य परिवारों के सपने, रिश्ते और भावनाएं भी बिखर गईं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उस पीड़ा को याद करने और उससे सीख लेने का अवसर है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।

14 अगस्त को क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस?

भारत में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य 1947 के विभाजन के दौरान हुई हिंसा, विस्थापन और जान-माल के नुकसान को याद करना है।

विभाजन के बाद लाखों लोगों ने नई बनी सीमाओं के आर-पार पलायन किया। इस दौरान व्यापक सांप्रदायिक हिंसा और भारी मानवीय त्रासदी हुई।

प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के संदेशों में इस ऐतिहासिक पीड़ा को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने पर जोर दिया गया।



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