ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
शहर और राज्य राज्य

कचहरी ब्लास्ट की 18वीं बरसी: नम आँखों से शहीदों को किया याद, सीबीआई जाँच की माँग

by admin@bebak24.com on | 2025-11-23 19:10:28

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3057


कचहरी ब्लास्ट की 18वीं बरसी: नम आँखों से शहीदों को किया याद, सीबीआई जाँच की माँग

वाराणसी में 23 नवंबर, 2007 को हुए कायरतापूर्ण सीरियल ब्लास्ट की दुखद बरसी पर रविवार की सुबह कचहरी परिसर में एक भावुक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस आतंकी घटना का दंश झेल चुकी काशी में, बनारस के चुनिंदा अधिवक्ताओं ने 18 साल पहले शहीद हुए अपने साथियों को याद किया।


शहीद स्थल पर अर्पित की गई श्रद्धांजलि

ठीक उसी स्थान पर, जहाँ धमाके हुए थे, एकत्रित हुए अधिवक्ताओं ने शहीद स्थल पर अपने मृत साथियों को पुष्पांजलि अर्पित की और मोमबत्तियाँ जलाकर अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।

इस दौरान पूरा कचहरी परिसर शहीद भोला सिंह अमर रहे, शहीद ब्रह्मप्रकाश शर्मा अमर रहे, शहीद बुद्धि राज पटेल अमर रहे के नारों से गूंज उठा।

इस मार्मिक अवसर पर बनारस बार के अध्यक्ष सतीश तिवारी, महामंत्री शशांक श्रीवास्तव, पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय, प्रेम प्रकाश सिंह गौतम, संयुक्त मंत्री सीबीए सत्य प्रकाश सिंह सुनील, राहुल श्रीवास्तव, अंकुर प्रकाश सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।

वह भयानक दिन: 23 नवंबर 2007

आतंक का वह काला दिन 23 नवंबर, 2007, जब दोपहर लगभग दो बजे के आसपास आतंकियों ने एक के बाद एक दो ब्लास्ट कर पूरी कचहरी परिसर को दहला दिया था।

- पहला धमाका दीवानी कचहरी कैम्पस में हुआ।

- इसके ठीक दो मिनट बाद दूसरा भयानक बम ब्लास्ट कलेक्ट्रेट परिसर स्थित हनुमान मंदिर के सामने हुआ।

इस हमले में दीवानी परिसर में भोला सिंह और कलेक्ट्रेट कैम्पस में ब्रह्म प्रकाश शर्मा तथा बुद्धि राज पटेल मौके पर ही शहीद हो गए थे। दोनों बम ब्लास्ट की चपेट में आने से तीन अधिवक्ताओं सहित कुल नौ लोग शहीद हुए थे, जबकि सैकड़ों अधिवक्ता और वादकारी घायल हो गए थे।


 18 साल बाद भी न्याय अधूरा, सीबीआई जाँच की माँग

इस दुखद घटना की बरसी पर अधिवक्ताओं में आरोपियों के अब तक न पकड़े जाने को लेकर गहरा आक्रोश दिखा।

बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने जिला जज को लिखित प्रत्यावेदन देकर निम्नलिखित दो प्रमुख माँगें उठाई हैं:

- कचहरी परिसर में हुए दोनों ब्लास्ट की घटना की जाँच सीबीआई (CBI) से कराई जाए।

 - कचहरी परिसर की सुरक्षा-व्यवस्था को अर्धसैन्य बलों के हवाले किया जाए।

अधिवक्ताओं का यह जमावड़ा दर्शाता है कि 18 साल बाद भी वे अपने शहीद साथियों को भूले नहीं हैं और न्याय तथा सुरक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment