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सोनभद्र खदान हादसा: DGMS की जांच में बड़ा खुलासा; प्रतिबंधित क्षेत्र में चल रहा था खनन, 7 मजदूरों की मौत का जिम्मेदार कौन?

by admin@bebak24.com on | 2025-11-22 22:59:12

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सोनभद्र खदान हादसा: DGMS की जांच में बड़ा खुलासा; प्रतिबंधित क्षेत्र में चल रहा था खनन, 7 मजदूरों की मौत का जिम्मेदार कौन?

सोनभद्र: ओबरा क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुंडी खदान में 15 नवंबर को हुए दर्दनाक हादसे में 7 मजदूरों की मौत के बाद केंद्र सरकार की खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। भारत सरकार के खान सुरक्षा उपमहानिदेशक नीरज कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में खदान में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया है, जिसके लिए खदान मालिक सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।

DGMS जांच में मिले गंभीर उल्लंघन

DGMS की जांच रिपोर्ट और पुलिस द्वारा गठित विशेष जाँच दल (SIT) के खुलासे इस बात की पुष्टि करते हैं कि खदान हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि घोर लापरवाही और नियमों की अनदेखी का परिणाम था:

 * माइंस एक्ट का उल्लंघन: DGMS की जांच में पाया गया कि खदान में माइंस एक्ट 1952 की धारा 22/3 का सीधा उल्लंघन किया गया। घटना के समय प्रतिबंधित क्षेत्र (Restricted Area) में अवैध रूप से खनन कार्य चल रहा था।

 * असुरक्षित खनन: जांच में यह भी सामने आया है कि कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में अत्यधिक ड्रिलिंग (Excessive Drilling) की जा रही थी और कई सुरक्षा प्रोटोकॉल को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया था।

 * मालिक जिम्मेदार: DGMS टीम ने विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज खदान मालिक को सीधे तौर पर हादसे का जिम्मेदार पाया है।

 * अधिकारियों की मिलीभगत: एसआईटी जांच में यह सामने आया है कि खदान प्रबंधक (Mine Manager) और माइन मेट्स (Mine Mates) को DGMS को नियमित रिपोर्ट भेजनी होती थी, जिसमें उन्हें सुरक्षा मानकों के पालन की पुष्टि करनी होती थी। जाँच में पाया गया कि इन कर्मचारियों ने खदान मालिकों से मिलीभगत कर जानबूझकर सुरक्षा निर्देशों को अनदेखा किया।

हादसे में बड़ी कार्रवाई और नई नियमावली

हादसा जिस वक्त हुआ, उस समय करीब 75 टन वजनी पत्थर की एक विशालकाय चट्टान 300 से 400 फीट की गहराई में काम कर रहे मजदूरों पर गिर गई थी। लगभग 70 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 7 मजदूरों के शव बाहर निकाले जा सके।

 * गिरफ्तारियां: हादसे के छह दिन बाद, एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए दो माइंस मैनेजर और दो माइन मेट्स सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर घोर लापरवाही (Gross Negligence) और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। हालांकि, मुख्य खदान मालिक और उसके पार्टनर अभी भी फरार हैं।

 * राज्य सरकार के साथ नियम: बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में मानक के विपरीत संचालित हो रही खदानों के विषय में DGMS टीम ने कहा है कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए राज्य सरकार के साथ बैठ कर नए नियम बनाए जाएंगे।

यह पूरी घटना प्रशासनिक और सुरक्षा दिशा-निर्देशों की अवहेलना पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिसकी वजह से सात गरीब मजदूरों की जान चली गई। मृतकों के परिजनों को सरकार ने 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।



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