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खदान हादसा: 4 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, खदान के मुख्य पार्टनर 'भूमिगत' - पुलिस ने की इनाम की तैयारी

by admin@bebak24.com on | 2025-11-21 21:07:14

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खदान हादसा: 4 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, खदान के मुख्य पार्टनर 'भूमिगत' - पुलिस ने की इनाम की तैयारी



सोनभद्र: ओबरा खनन क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी स्थित श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में 15 नवंबर 2025 को हुए दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस दुर्घटना में सात मजदूरों की मौत हो गई थी, जिसके बाद खदान संचालकों और पार्टनरों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी

पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक वर्मा के निर्देश पर, ओबरा पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चार प्रमुख अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां उस विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई का हिस्सा हैं, जिसका गठन CO ओबरा हर्ष पांडेय की निगरानी में किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम:

 1 अनिल कुमार झा - दरभंगा (बिहार) 

2 अजय कुमार  - बिल्ली पोखरा, ओबरा 

3 गौरव सिंह -बीआईपी रोड, ओबरा 

4 चन्द्र शेखर सिंह - अग्रवाल नगर, ओबरा 

सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और खनन में लापरवाही बरतने वालों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

 मुख्य पार्टनर अभी भी फरार, इनाम की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अब इस मामले के मुख्य पार्टनरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। घटना के बाद से ही खदान के चार मुख्य पार्टनर— मधुसूदन सिंह, दिलीप केसरी, अभिषेक सिंह 'काके', और मुन्ना राय— 'भूमिगत' हो गए हैं।
इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस सूत्रों के हवाले से खबर है कि यदि ये चारों पार्टनर जल्द आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उन पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

 एसआईटी की जांच में बड़े खुलासे की आशंका

सीओ ओबरा हर्ष पांडेय के नेतृत्व में गठित एसआईटी अपनी जांच में तेजी ला रही है। टीम अवैध खनन, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, और खनन कार्य में शामिल 'अंदर ग्राउंड' चल रहे प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
 * जांच का केंद्र: क्या सुधारात्मक कार्य की अनुमति की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा था?
 * अधिकारी: एसपी ने आश्वस्त किया है कि सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि नियम विरुद्ध खनन और हादसे के लिए जिम्मेदार सभी बड़े नाम जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे।

 पुलिस टीम ने दिखाया साहस

इस हादसे के बाद, ओबरा पुलिस, फायर सर्विस, और स्थानीय टीम ने खदान की नाजुक और खतरनाक स्थिति के बावजूद तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बाद में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने आधुनिक उपकरणों के साथ मिलकर 70 से 80 घंटे तक चले बचाव अभियान में सात मजदूरों के शवों को बाहर निकाला। पुलिस टीम की इस बहादुरी और जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन को स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है।
इस हादसे ने एक बार फिर खनन क्षेत्र में सुरक्षा और प्रशासन के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसआईटी की जांच और फरार पार्टनरों की गिरफ्तारी पर आगे की जानकारी जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।




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