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भोपाल में 3,000 किसानों का विशाल प्रदर्शन; मूंग की 100% MSP खरीद को लेकर CM आवास की ओर कूच, सड़कों पर डाला डेरा

by on | 2026-07-29 15:26:29

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भोपाल में 3,000 किसानों का विशाल प्रदर्शन; मूंग की 100% MSP खरीद को लेकर CM आवास की ओर कूच, सड़कों पर डाला डेरा

भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सीमाओं पर एक बार फिर किसानों का बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले लगभग 3,000 किसानों ने राजधानी के दक्षिणी छोर पर डेरा डाल दिया है।

पुलिस की कड़ी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े किसान अब सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास की ओर कूच करने की तैयारी में हैं।

राशन, बर्तन और बिस्तर साथ लाए किसान— "जब तक मांग पूरी नहीं, तब तक वापसी नहीं"

नर्मदापुरम से शुरू हुआ यह आंदोलन ओबेदुल्लागंज और रायसेन होते हुए भोपाल की सीमा तक पहुंचा है। 19 किसान संगठनों के इस साझा मंच में किसानों का इरादा लंबे संघर्ष का दिख रहा है:

  • 1 सप्ताह का राशन: किसान अपने साथ अनाज की बोरियां, गैस-बर्तन, बिस्तर और राशन लेकर आए हैं।

  • किसान नेता संतोष पटवारी का बयान: "पिछले 20 दिनों से शांत प्रदर्शन के बावजूद सरकार ने ध्यान नहीं दिया। हमें खुले बाजार में मूंग एमएसपी से काफी कम दाम पर बेचनी पड़ रही है। जब तक मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत और मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।"

  • मुख्य मांग: किसान चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार तुअर, उड़द और मसूर की तर्ज पर मूंग की भी 100% खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित करे। वर्तमान में मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत बेहद सीमित खरीद होती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की भी मांग है।

रायसेन, हरदा, विदिशा में नाकेबंदी के आरोप; प्रशासन का इनकार

किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि रायसेन, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम और बुधनी जिलों से भोपाल आ रहे किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने जबरन नाकेबंदी और बैरिकेडिंग की है।

हालांकि, भोपाल पुलिस और प्रांतीय प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और किसानों से ज्ञापन सौंपकर शांतिपूर्वक लौटने की अपील की गई है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का जवाब: संवाद के लिए बनाई गई उच्चस्तरीय समिति

किसान आंदोलन के उग्र रूप लेने के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान सामने आया है:

डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश):

"किसानों के हितों की रक्षा हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है। किसानों की मूंग खरीद और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति किसान प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत कर जल्द ही व्यवहार्य समाधान निकालेगी।"

बेबाक24 टेक

मध्य प्रदेश में मूंग उत्पादक किसानों का यह गुस्सा मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक व प्रशासनिक परीक्षा है। यदि सरकार समय रहते संवाद के जरिए एमएसपी खरीद का पारदर्शी ढांचा पेश नहीं करती, तो भोपाल की सीमाओं पर दिल्ली की तर्ज पर एक लंबा किसान जमावड़ा देखने को मिल सकता है।



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