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"पहले वाले कानून से कितनी गिरफ्तारियां हुईं?"— पेपर लीक संशोधन बिल पर अखिलेश यादव का तीखा सवाल; BJP पर लगाया आरोप

by on | 2026-07-29 15:14:53

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"पहले वाले कानून से कितनी गिरफ्तारियां हुईं?"— पेपर लीक संशोधन बिल पर अखिलेश यादव का तीखा सवाल; BJP पर लगाया आरोप

नई दिल्ली: संसद के निचले सदन लोकसभा में पेश किए गए 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन संशोधन विधेयक, 2026' को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नए कानून पर सवाल उठाते हुए केंद्र और यूपी की बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

संसद परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक बीजेपी के शासनकाल में हुए हैं और कानून केवल कागजों पर बनाने से छात्र संकट दूर नहीं होगा।

"यूपी में 20 से ज्यादा पेपर लीक हुए, कितनों को पकड़ा?"— अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार की नीयत और पुराने कानून के क्रियान्वयन (Implementation) पर सीधे सवाल दागे:

अखिलेश यादव (अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी):

"यह विधेयक मौजूदा कानून में महज एक संशोधन है। लेकिन सरकार को पहले यह बताना चाहिए कि पुराने कानून के तहत कितने लोगों को वास्तव में पकड़ा गया? केवल उत्तर प्रदेश में ही 20 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं। उन मामलों में कितने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई और कितनों को गिरफ्तार किया गया?"

  • 'बीजेपी सरकार की नाकामी': अखिलेश ने आगे कहा कि युवाओं के साथ हो रहे खिलवाड़ की पूरी जिम्मेदारी मौजूदा सरकार की है। बीजेपी शासन में बार-बार पेपर लीक होने के कारण ही देश का युवा आक्रोशित होकर सड़कों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने को मजबूर हुआ है।

  • खुद के लोगों पर साधी चुटकी: सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार में बैठे लोग और सत्तारूढ़ दल के लोग ही इन धांधलियों में शामिल या जिम्मेदार होंगे, तो सिर्फ कानून बना देने से क्या उम्मीद की जा सकती है?

संसद में बिल पर घमासान: डॉ. जितेंद्र सिंह बोले— "मील का पत्थर", प्रियंका ने घेरा

मंगलवार को लोकसभा में पेश किए गए इस संशोधन विधेयक पर पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली:

  • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का दावा: चर्चा की शुरुआत करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन विधेयक भारतीय संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह कानून देश के करोड़ों युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।

  • प्रियंका गांधी का हमला: वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बहस के दौरान आरोप लगाया कि सरकार कानून बनाने का ढोंग कर रही है, जबकि हकीकत में हक की मांग कर रहे युवाओं और छात्रों की आवाज को लाठियों और आंसू गैस के गोलों से दबाया जा रहा है।

बेबाक24 टेक

36 दिनों तक चले 'कॉकरोच जनता पार्टी' के आंदोलन और पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद लाया गया यह संशोधन विधेयक बेहद संवेदनशील मोड़ पर है। विपक्ष का यह तर्क काफी हद तक जायज है कि कड़े से कड़े कानून तब तक बेअसर साबित होंगे जब तक कि पेपर लीक माफियाओं और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की सांठगांठ को जमीनी स्तर पर ध्वस्त न किया जाए।



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