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अमेरिका का चीन पर बड़ा प्रहार; ह्यूमनॉइड रोबोट्स और पावर इनवर्टर के आयात पर लगाया बैन, बताया 'सुरक्षा खतरा'

by on | 2026-07-29 14:45:54

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अमेरिका का चीन पर बड़ा प्रहार; ह्यूमनॉइड रोबोट्स और पावर इनवर्टर के आयात पर लगाया बैन, बताया 'सुरक्षा खतरा'

वाशिंगटन: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड रोबोटिक्स के क्षेत्र में वैश्विक वर्चस्व की जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका के ट्रम्प प्रशासन ने मंगलवार को चीनी निर्मित ह्यूमनॉइड रोबोट्स और चार पैरों वाले एडवांस्ड रोबोटिक उपकरणों के नए आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।

अमेरिकी सरकार ने इन रोबोटिक तकनीकों को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक 'अस्वीकार्य जोखिम' और बड़ा खतरा करार दिया है।

FCC का बड़ा कदम: 'कवर्ड लिस्ट' में शामिल किए गए रोबोट और इनवर्टर

अमेरिकी संघीय संचार आयोग ने अपनी ब्लैकलिस्टेड 'कवर्ड लिस्ट' का दायरा बढ़ाते हुए इसमें उन्नत चीनी तकनीकों को शामिल किया है:

  • ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट्स: निर्माण, निगरानी और औद्योगिक उपयोग में आने वाले चीन निर्मित एडवांस्ड रोबोटों के आयात पर रोक।

  • पावर इनवर्टर: डेटा सेंटर्स, एआई सर्वर फार्म्स और सोलर पैनल ग्रिड में इस्तेमाल होने वाले पावर इनवर्टरों के नए आयात को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

  • सप्लाई चेन की सुरक्षा: एफसीसी के अध्यक्ष ब्रेंडन कार ने कहा कि एजेंसी अमेरिकी सप्लाई चेन को दुश्मनों के साइबर और जासूसी खतरों से सुरक्षित करने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रही है।

अमेरिका को किस बात का है डर?

अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अत्याधुनिक सेंसर्स, कैमरों और AI चिप्स से लैस चीनी रोबोट्स अमेरिकी रक्षा परिसरों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों और डेटा सेंटरों की जासूसी कर सकते हैं। साथ ही, पावर इनवर्टर में छिपे मैलवेयर का इस्तेमाल साइबर हमलों के दौरान अमेरिका के पावर ग्रिड और एआई डेटा सेंटरों को ठप करने के लिए किया जा सकता है।

चीन की अब तक की प्रतिक्रिया

इस नए प्रतिबंध पर फिलहाल बीजिंग (चीन सरकार) की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, चीनी मीडिया आउटलेट्स पूर्व में ऐसे प्रतिबंधों को अमेरिका की "तकनीकी दादागिरी" और "व्यापार संरक्षणवाद" करार देते रहे हैं।

वर्तमान में अमेरिका और चीन के बीच AI, सेमीकंडक्टर चिप्स, और रोबोटिक्स में नंबर-1 बनने की सबसे तीखी होड़ चल रही है।


बेबाक24 टेक

ट्रम्प प्रशासन का यह फैसला साफ दिखाता है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय सुरक्षा का दायरा सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेटा सेंटर, सॉफ्टवेयर और रोबोटिक्स तक फैलेगा। चीनी रोबोटिक्स पर इस प्रतिबंध से अमेरिका में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत बढ़ सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे वाशिंगटन का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



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