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स्टारलिंक विवाद पर रिलायंस का जवाब, कहा- प्रतिस्पर्धा से पीछे नहीं हटेंगे

by on | 2026-10-16 13:02:00

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स्टारलिंक विवाद पर रिलायंस का जवाब, कहा- प्रतिस्पर्धा से पीछे नहीं हटेंगे

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

भारत में स्टारलिंक की शुरुआत को लेकर चल रही बहस के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एलन मस्क के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने कहा कि वह भारतीय उपग्रह संचार बाजार में स्टारलिंक समेत सभी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है। साथ ही स्पष्ट किया कि देश में कारोबार करने वाली हर कंपनी को भारतीय कानूनों और नियमों का पालन करना होगा।

रिलायंस ने समान नियमों पर दिया जोर

रिलायंस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि भारत निवेश और नवाचार का स्वागत करता है, चाहे निवेशक देशी हो या विदेशी। हालांकि, यह खुलापन कानून के शासन और सभी आवेदकों के लिए समान प्रक्रिया पर आधारित होना चाहिए।

कंपनी ने यह भी बताया कि जियो की अपनी उपग्रह संचार सेवाओं को अभी आवश्यक मंजूरियों का इंतजार है। रिलायंस के अनुसार, प्रतिस्पर्धा इस बात की परीक्षा है कि कौन ग्राहकों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराता है।

जियो ने गिनाई अपनी उपलब्धियां

रिलायंस ने अपने बयान में कहा कि 2016 में जियो ने भारतीय दूरसंचार बाजार में नए खिलाड़ी के रूप में प्रवेश किया था। कंपनी के मुताबिक, करीब 10 वर्षों में जियो के ग्राहकों की संख्या 530 मिलियन से अधिक हो गई है।

रिलायंस ने दावा किया कि जियो ने भारतीय उपभोक्ताओं को बेहतर डिजिटल ढांचा और सस्ता डेटा उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई है। कंपनी ने कहा कि वह उपग्रह संचार क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है।

मस्क ने रिलायंस पर लगाए थे आरोप

रिलायंस का यह बयान स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क की उन टिप्पणियों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ निहित स्वार्थ वाले लोग भारत में स्टारलिंक की शुरुआत में बाधा डाल रहे हैं।

मस्क ने भारतीय दूरसंचार बाजार में एकाधिकार जैसी स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलने से आम लोगों को अधिक विकल्प मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिलायंस के हितों की रक्षा के लिए स्टारलिंक के प्रवेश का विरोध किया जा रहा है।

स्टारलिंक की मंजूरी पर टिकी नजरें

स्टारलिंक की भारत में व्यावसायिक शुरुआत को लेकर नियामकीय मंजूरियां महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। वहीं, रिलायंस ने कहा है कि जियो की उपग्रह सेवाओं को भी अभी मंजूरी मिलनी बाकी है। ऐसे में इस क्षेत्र में आगे की प्रतिस्पर्धा सरकारी प्रक्रियाओं और आवश्यक अनुमतियों पर निर्भर करेगी।

बेबाक24 टेक: स्टारलिंक विवाद में रिलायंस ने समान नियमों और कानूनों के पालन पर जोर दिया है, जबकि एलन मस्क ने प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ताओं के विकल्पों का मुद्दा उठाया है। भारतीय उपग्रह संचार बाजार में दोनों कंपनियों की आगे की स्थिति आवश्यक मंजूरियों और नियामकीय फैसलों से तय होगी।



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