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तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, सीजेपी की अपील पर नजर

by on | 2026-10-16 13:01:57

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तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, सीजेपी की अपील पर नजर

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके की ‘लहरा दो तिरंगा’ मुहिम को लेकर शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दिल्ली और मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिपके ने शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा लहराने के लिए लोगों और युवाओं से जुटने की अपील की है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने लोगों से प्रस्तावित मार्च से दूर रहने को कहा है। कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू है।

दिल्ली में सेंट्रल पार्क बंद

नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रखने का निर्णय लिया है। पार्क में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था करने का अनुरोध भी किया गया है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। पुलिस ने संकेत दिया है कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने के लिए 11 लोगों के समूह को अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली यातायात पुलिस ने भी दोपहर 3 बजे से कनॉट प्लेस के आसपास कुछ सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। वाहन चालकों को यात्रा की योजना पहले से बनाने और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

मुंबई में आजाद मैदान पर अनुमति

मुंबई पुलिस ने सीजेपी को आजाद मैदान में सशर्त रैली करने की अनुमति दी है। संगठन ने बताया कि यह प्रदर्शन अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास के समर्थन में किया जाएगा। दोनों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

दिपके ने दिल्ली के अलावा दूसरे शहरों में भी समर्थकों से शाम 5 बजे तिरंगे के साथ बाहर निकलने और एकजुटता दिखाने की अपील की है। हालांकि, अन्य शहरों में कितने लोग जुटेंगे, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर आंदोलन

सीजेपी का आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। संगठन ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। दिपके ने दावा किया है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। ये आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं।

यह आंदोलन 2 अक्टूबर को मुंबई से शुरू हुआ था और 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचा। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के दौरान दिपके समेत कुछ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया।

हिरासत को लेकर भी विवाद

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने शुक्रवार सुबह दावा किया कि उन्हें और संगठन के कई कार्यकर्ताओं को दिल्ली के अलग-अलग पुलिस थानों में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की कथित बर्बरता का आरोप लगाया और कहा कि विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करना लोकतांत्रिक अधिकार है।

बेबाक24 टेक

‘लहरा दो तिरंगा’ मुहिम के तहत दिल्ली में प्रस्तावित जुटान को लेकर पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं। कनॉट प्लेस में पाबंदियों, सेंट्रल पार्क बंद रहने और मुंबई में सशर्त अनुमति के बीच आंदोलन की गतिविधियों पर नजर रहेगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।



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