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जहरीली कफ सिरप कांड के मास्टरमाइंड का पिता कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार

by on | 2025-11-30 17:44:09

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जहरीली कफ सिरप कांड के मास्टरमाइंड का पिता कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार


दुबई भागने की फिराक में था आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल; अब तक 18 से अधिक मौतें

सोनभद्र/कोलकाता। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में जहरीली कोडीन युक्त कफ सिरप के सेवन से हुई 18 से अधिक मौतों के सनसनीखेज मामले में सोनभद्र पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता और इस अवैध कारोबार में सक्रिय भूमिका निभाने वाले भोला प्रसाद जायसवाल को रविवार देर रात कोलकाता अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस सूत्रों का खुलासा - दुबई जाने की थी योजना

पुलिस सूत्रों के अनुसार, भोला प्रसाद जायसवाल अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और विदेश भागने की योजना बना रहा था। सोनभद्र पुलिस की एक विशेष टीम पिछले कई दिनों से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

> सोनभद्र पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमें सटीक सूचना मिली थी कि भोला प्रसाद कोलकाता एयरपोर्ट से दुबई के लिए उड़ान भरने वाला है। हमारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस के सहयोग से एयरपोर्ट पर दबिश दी और उसे पकड़ लिया। उसके पास से दुबई का टिकट और पासपोर्ट बरामद हुआ है।"

आरोप है कि भोला प्रसाद, जो कंपनी के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों को देखता था, बेटे शुभम जायसवाल को बचाने की कोशिश में भी लगा हुआ था।

अवैध उत्पादन और जानलेवा मात्रा में कोडीन

यह पूरा मामला तब सामने आया जब कफ सिरप का सेवन करने वालों की एक के बाद एक मौतें होने लगीं। जांच में खुलासा हुआ कि शुभम जायसवाल की दवा कंपनी बिना किसी वैध लाइसेंस के कोडीन युक्त कफ सिरप का अवैध उत्पादन कर रही थी।

यह सिरप न केवल उत्तर प्रदेश में, बल्कि बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी धड़ल्ले से सप्लाई किया जा रहा था। फोरेंसिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि सिरप में कोडीन की मात्रा निर्धारित सरकारी मानक से कई गुना अधिक थी, जो इसे अत्यंत जहरीला बना रहा था।

कंट्रोल विभाग की रिपोर्ट और कार्रवाई

ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को देश में अवैध दवा कारोबार के सबसे गंभीर मामलों में से एक बताया है।

> राज्य ड्रग कंट्रोल विभाग के एक प्रवक्ता ने टिप्पणी की, "प्राथमिक जांच से पता चला है कि यह कंपनी मानकों का उल्लंघन कर रही थी और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली सिरप को जानलेवा स्तर तक शक्तिशाली बना रही थी। हमने इनके पूरे सप्लाई चेन की जाँच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

मामले में अब तक मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल सहित कुल 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। भोला प्रसाद की गिरफ्तारी को पुलिस इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने में एक महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है। उसे अब ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया जा रहा है, जहां विस्तृत पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि भोला प्रसाद के सहयोग से अवैध दवा कारोबार के कई और "राज" खुलेंगे।





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