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'टाइम नहीं है हमारे पास...'— सुप्रीम कोर्ट ने CJP की अर्जी खारिज की; लाठीचार्ज का वीडियो देखने और तुरंत सुनवाई से इनकार

by on | 2026-07-22 20:57:49

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'टाइम नहीं है हमारे पास...'— सुप्रीम कोर्ट ने CJP की अर्जी खारिज की; लाठीचार्ज का वीडियो देखने और तुरंत सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक आंदोलन और 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का मामला देश की शीर्ष अदालत पहुंचा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और प्रदर्शनकारी छात्रों को बड़ा झटका लगा है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI सूर्यकांत) की अध्यक्षता वाली पीठ ने जंतर-मंतर आंदोलनकारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज पर स्वतः संज्ञान लेने और मामले की तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है।


अदालत में क्या हुआ? CJI सूर्यकांत की दो टूक

बुधवार (22 जुलाई 2026) को सीजेपी और याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पुलिस कार्रवाई के कथित वीडियो का हवाला देते हुए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।

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                │         सुप्रीम कोर्ट: सुनवाई का सार          │
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│       याचिकाकर्ता का दावा:    │                             │       CJI की कड़ी टिप्पणी:    │
│ • छात्रों पर बर्बर बल प्रयोग│                             │ • "कोर्ट के पास वीडियो देखने │
│ • घटना के वीडियो देखकर कोर्ट │                             │    का समय नहीं है।"          │
│   स्वतः संज्ञान (Suo Moto) ले।│                             │ • "अदालत का समय व्यर्थ न करें"│
└──────────────────────────────┘                             └──────────────────────────────┘

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:

"हमारे पास इन वीडियो को देखने के लिए समय उपलब्ध नहीं है। इस तरह की मांग करके आप अदालत का कीमती समय व्यर्थ न करें और अपना समय भी बेकार न गंवाएं। कोर्ट इस प्रकार वीडियो देखकर कार्रवाई शुरू नहीं कर सकती और फिलहाल इस मामले में तत्काल सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं बनती है।"

याचिकाकर्ता वकील की दलीलें

अदालत में सुनवाई के दौरान वकील ने NTA और नीट परीक्षा सुधार का मुद्दा उठाते हुए कहा:

  • लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई: 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसके कई वीडियो प्रमाण के रूप में मौजूद हैं।

  • NTA में सुधार की मांग: प्रदर्शनकारी छात्र NEET परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में आमूलचूल बदलाव और भविष्य में धांधली रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट पीठ ने इन सभी दलीलों को सुनते हुए स्पष्ट कर दिया कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना केवल वीडियो के आधार पर आपातकालीन सुनवाई नहीं की जा सकती।

बेबाक24 टेक

जंतर-मंतर पर 25 दिनों से जारी आंदोलन, 16 मेट्रो स्टेशनों की बंदी, संसद में जारी हंगामे और राहुल-अखिलेश की गिरफ्तारी के बाद आंदोलनकारी न्यायिक राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे।

बेबाक24 का कानूनी और राजनीतिक विश्लेषण कहता है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तत्काल दखल से इनकार करने के बाद अब सारा दबाव राजनीतिक मोर्चे पर आ गया है। शीर्ष अदालत के इस रुख के बाद CJP और विपक्षी दलों के पास अब संसद और सड़कों के जरिए ही सरकार पर NTA सुधारों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का दबाव बनाने का एकमात्र रास्ता बचा है।



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